अमेरिका ने आयात शुल्क पर मैक्सिको और कनाडा से किया समझौता

वाशिंगटन। अमेरिका ने स्टील और एल्यूमिनियम पर आयात शुल्क बढ़ाने के मामले में दो पड़ोसी देशों मैक्सिको और कनाडा से समझौता कर लिया है। समझौते के तहत अमेरिका फिलहाल मैक्सिको और कनाडा से आयातित स्टील व एल्यूमिनियम उत्पादों पर शुल्क लगाने या बढ़ाने की कार्रवाई नहीं करेगा। कनाडा और मैक्सिको भी अमेरिका से आयातित उत्पादों पर या तो शुल्क नहीं लगाएंगे, या विवाद के पहले से चल रही शुल्क व्यवस्था में छेड़छाड़ नहीं करेंगे।

अमेरिका के इस फैसले से प्रस्तावित अमेरिका-मैक्सिको-कनाडा करार (यूएसएमसीए) की एक बड़ी बाधा खत्म हो जाने की उम्मीद है। गौरतलब है कि उत्तरी अमेरिका में हो रहे 1.4 लाख कराड़ डॉलर (करीब 98 लाख करोड़ रुपये) मूल्य के कारोबार से अमेरिका के 1.2 करोड़ रोजगार जुड़े हुए हैं।

नेशनल एसोसिएशन ऑफ रियल्टर्स लेजिस्लेटिव मीटिंग के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमें खुशी है कि हमने अभी-अभी कनाडा और मैक्सिको से समझौता किया है। इसके तहत तीनों देश आपसी कारोबार में कोई नया शुल्क नहीं लगाएंगे या पहले से चल रहा शुल्क नहीं बढ़ाएंगे।

अमेरिका के लिए यह बेहद लाभकारी समझौता है। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि संसद से यूएसएमसीए को जल्द अनुमोदन मिल जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘उसके बाद हमारे किसान, औद्योगिक उत्पादक और स्टील प्लांट हमारी पहले से मजबूत अर्थव्यवस्था को और मजबूती देंगे।’ वहीं, अमेरिका के वाणिज्य मंत्री विल्बर रॉस ने कहा कि ट्रंप की रणनीति सही मायनों में काम आई।

इस घोषणा से पहले ट्रंप ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात की। कनाडा ने एक बयान में कहा कि दोनों नेताओं ने स्टील व एल्यूमिनियम उत्पादों पर शुल्क संबंधी अमेरिका की धारा-232 और उस पर कनाडा की प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई के बारे में बातचीत की। दोनों नेताओं ने चीन, यूरेनियम तथा नॉर्थ अमेरिकन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (नाफ्टा) के नए स्वरूप पर भी चर्चा की।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष तीनों देशों ने यूएसएमसीए पर बातचीत को आगे बढ़ाया था। लेकिन उसके बाद अमेरिका द्वारा स्टील उत्पादों पर 25 फीसद और एल्यूमिनियम पर 10 फीसद आयात शुल्क लगा दिए जाने की वजह से इस पहल में खटास आ गई थी। रॉस ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए स्टील और एल्यूमिनियम के आयात पर शुल्क लगाने के फैसले से घरेलू उद्योगों को बहुत राहत मिली है।

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